| Hindi Shayari On Love, Pyaar, Mohabbat, Tareef, Dosti |
परवाह नहीं अगर ये जमाना खफा रहे।
बस इतनी सी दुआ है की आप मेहरबां रहे।
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तेरे पास में बैठना भी इबादत
तुझे दूर से देखना भी इबादत …….
न माला, न मंतर, न पूजा, न सजदा
तुझे हर घड़ी सोचना भी इबादत….
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आदते अलग हे हमारी दुनिया वालो से,
कम दोस्त रखते हे मगर लाजवाब रखते है-
क्योंकि बेशक हमारी माला छोटी है-
पर फूल उसमे सारे गुलाब रखते हे…
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बस यही मासूम सा रिश्ता है तुमसे,
कि शामिल रहते हो, मेरी हर दुआ में..|
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कभी तो यकीन कर लो तुम मेरी मोहब्बत का,
कहीँ उमर न गुज़र जाये मुझे आज़माने मेँ…
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