Friday, 8 May 2015

Love, Pyaar, Mohabbat, Tareef, Dost


Shayari On Love, Pyaar, Mohabbat, Taarif, Dosti
Hindi Shayari On Love, Pyaar, Mohabbat, Tareef, Dosti

परवाह नहीं अगर ये जमाना खफा रहे।
बस इतनी सी दुआ है की आप मेहरबां रहे।
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तेरे पास में बैठना भी इबादत
तुझे दूर से देखना भी इबादत …….
न मालान मंतरन पूजान सजदा
तुझे हर घड़ी सोचना भी इबादत….
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आदते अलग हे हमारी दुनिया वालो से,
कम दोस्त रखते हे मगर लाजवाब रखते है-
क्योंकि बेशक हमारी माला छोटी है-
पर फूल उसमे सारे गुलाब रखते हे
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बस यही मासूम सा रिश्ता है तुमसे,
कि शामिल रहते होमेरी हर दुआ में..|
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कभी तो यकीन कर लो तुम मेरी मोहब्बत का,
कहीँ उमर  गुज़र जाये मुझे आज़माने मेँ
amitdonji@yahoo.in!!

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