Romantic Shayari On Picture : Tera Chehra Hai Aaine Jaisa
Romantic Shayari in Hindi – Part-1 (Shayari On Love, Pyaar, Mohabbat, Romance, Tareef, Dosti)
| Hindi Shayari On Love, Pyaar, Mohabbat, Tareef, Dosti |
परवाह नहीं अगर ये जमाना खफा रहे।
बस इतनी सी दुआ है की आप मेहरबां रहे।
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तेरे पास में बैठना भी इबादत
तुझे दूर से देखना भी इबादत …….
न माला, न मंतर, न पूजा, न सजदा
तुझे हर घड़ी सोचना भी इबादत….
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आदते अलग हे हमारी दुनिया वालो से,
कम दोस्त रखते हे मगर लाजवाब रखते है-
क्योंकि बेशक हमारी माला छोटी है-
पर फूल उसमे सारे गुलाब रखते हे…
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बस यही मासूम सा रिश्ता है तुमसे,
कि शामिल रहते हो, मेरी हर दुआ में..|
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कभी तो यकीन कर लो तुम मेरी मोहब्बत का,
कहीँ उमर न गुज़र जाये मुझे आज़माने मेँ…
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सफ़र मोह्हबत का करके तो देखो
इंतजार हमसफ़र का करके तो देखो
समझ जायेंगे प्यार को तुम्हारे
एक बार दिल से इज़हार तो करके देखो
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ऐ दोस्त तुम पे लिखना शुरू कहा से करूँ?
अदा से करूँ या हया से करूँ?
तुम्हारी दोस्ती इतनी खुबसूरत है.
पता नहीं की तारीफ जुबा से करू या दुआ से करूँ?…..
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बडी खामोशी से भेजा था गुलाब उसको…
पर खुशबू ने शहर भर में तमाशा कर दिया.
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तू रूठा रूठा सा लगता है
कोई तरकीब बता मनाने की
मैं ज़िन्दगी गिरवी रख दूंगा
तू क़ीमत बता मुस्कुराने की
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तुम छत पे ना जाया करो……..
शहर मेँ बेवजह, ईद की तारीख बदल जाती है…
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तुम खुश-किश्मत हो जो हम तुमको चाहते है…
वरना,
हम तो वो है जिनके ख्वाबों मे भी लोग इजाजत लेकर आते है…!!
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“कल किसी और ने खरीद लिया तो शिकायत ऩ करना,
इसलिए आज हम सबसे पहले तेरे शहर मे बिकने आये है.”
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कुछ ऐसी मुह्हबत उसके दिल में भर दे या रब।।
वो जिसको भी चाहे वो “मैं” बन जाऊं।।
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मुस्करा के जो देखा तो कलेजे में चुभ गये………
खँजर से भी तेज लगती हैं आँखे जनाब की…..!!
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मैं जानता हूँ …. फिर भी पूछता हूँ …
तुम आईना देख कर बताओ … मेरी पसंद कैसी हैं .…
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अपनी दोस्ती का बस
इतना सा असूल है…
ज़ब आप कुबूल है तो
आपका सब कुछ कुबूल है..
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Mila Tha Ek Dil Jo De Diya Tum Ko…
Hazaroon Bhi Hote To Tere Liye Hote…
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Kaun kahta hai
mohabat ek baar hoti hai..
main tujhe jitni baar dekhun mujhe utni baar hoti hai.
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Laakh Samjaya k Shak Karti He Ye Duniya…!
Magar Na Gai Uski AAdat Hans Kar Guzr Jane Ki…
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Kuch Nasha To Aapki Baat Ka Hai;
Kuch Nasha To Dheemi Barsaat Ka Hai;
Humein Aap Yun Hi Sharabi Na Kahiye;
Is Dil Par Asar To Aap Se Mulakat Ka Hai!
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Ab tak Utarty hain Wahan khushbo k Qafily…
Bhooly Se likh diya tha…
Tera Naam jis Jagah.
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