December 15, 2013 3 Views
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कुछ बातें हमसे सुनाकरो, कुच बातें हमसे कियाकरो, मुझे दिल कीबात बता डालो, तुम होंठ नाअपने सिया करो, जो बात लबोंतक ना आऐ, वो आँखों से कहदिया करो. |
December 15, 2013 4 Views
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ज़रा पाने कीचाहत में बहुतकुछ छूट जाताहै न जाने सबरका धागा कहांपर टूट जाताहै किसे हमराह कहते होयहाँ तो अपनासाया भी कहीं पर साथरहता है कहींपर छूट जाताहै….!! |
November 14, 2013 46 Views
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| Zindagi Isi Ko Kehte Hai…… |
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